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वनोन्मूलन पर निबंध लिखे ५०० शब्दों में

प्रस्तावना :- हम मानव जाति के द्वारा जंगलों को समाप्त करना वनोन्मूलन है। आज दिन प्रतिदिन बढ़ती जनसंख्या के कारण कृषि, उद्योग, आवास, व्यवसाय, शहर आदि दूसरे उद्देश्यों की पूर्ति करने के लिए जंगलो को काट रहे हैं |

वनों की कटाई वन्य जीवन, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को खतरे में डाल रहा है। बढ़ती मानव जनसंख्या, बढ़ती हुई भीड़, विश्व में बढ़ती प्रतिस्पर्धा मनुष्य को जंगलों को काटने और अच्छी तरह से विकसित शहरों या खेतों या कटाई के लिए भूमि स्थापित करने के लिए मजबूर करती है। आज मानव जनसंख्या में वृद्धि हो रहा है जिसके वजह से रहने के लिए हम वनो की कटाई कर रहे हैं और भूमि को आवास बनाने के लिए उपयोग कर रहे हैं | खेती की जमीन को भी आज हम अपने आवास के लिए उपयोग में ला रहे हैं | जिसके वजह से आज खेती की जमीन भी कम हो रहे हैं |

वनों की कटाई से जंगली जानवर पलायन कर रहे हैं और मर रहे हैं, पर्यावरण नकारात्मक रूप से बदल रहा है और मानव जीवन को परेशान कर रहा है। पर्यावरण का प्रदूषित होने का वजह वनो की कटाई हैं | आज शहरीकरण और व्यावसायिक उद्देश्य के लिए लोग वनों की कटाई कर रहे हैं | आज हम विकास की ओर अग्रसर हो रहे हैं लेकिन इसके विपरीत हम पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं | शरीकरण की परियोजना के वजह से हम आज वनों की कटाई कर रहे हैं |

जंगलों को काटने से कागज, फर्नीचर, तथा लकडी कोयला प्राप्त होता है, जिससे राष्ट्र को आय होती है | परन्तु इससे बाढ़ एवं सूखे में में वृद्धि हो रही है, नदियों के रास्ते में मिट्टी जमा हो जाती है, जिससे नदिया अपनी बदल रही है जिससे बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है । वनोन्मूलन के कारण वायु प्रदूषण, पर्यावरण में जहरीली गैसों का बढ़ना, मृदा और जल प्रदूषण का बढ़ना, पर्यावरणीय उष्मा का बढ़ना आदि जैसे बदलाव हो रहे हैं। पर्यावरण में प्रदुषण बढ़ रहा हैं |

वनों के काटने के मुख्य कारण जो की निम्नलिखित हैं:-

१. जनसंख्या वृद्धि में बढ़ोतरी के कारन ।
२. लकड़ी ईंधन, टिंबर, कागज तथा लकड़ी कोयले की बढ़ती हुई माँग का बढ़ना ।
३. राष्ट्र मार्ग, सड़कों, रेलों, हवाई अड्डों, नहर बिजली इत्यादि की सुविधाओं के निर्माण के लिये भूमि की आवश्यकता ।
४. वनों में प्राकृतिक रूप से आग का लगना अथवा मानव द्वार जंगलों में आग लगाना ।
५. आवास के लिए वनो की कटाई करना

वनोन्मूलन के प्रभाव निम्नलिखित हैं :-

१. पर्यावरण दुषित होना और प्रदुषण का बढ़ना
२. मिट्टी का कटाव का बढ़ना और भूस्खलन और हिमस्खलन का होना
३. बाढ़ और सूखा का होना
४. वनों में रहने वाली जीव – जंतु का विलुप्त होना
५. असमय बारिश का होना

निष्कर्ष :- वनों की कटाई पर प्रतिबन्ध लगाना अति आवयश्यक है | नहीं तो हम मानव जाती को बहुत तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा | बढ़ते प्रदुषण के कारण पृथ्वी पर सभी जीव – जंतु को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता हैं |

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