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हिंदी में विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर निबंध लिखे ५०० शब्दों में

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस ( World Nature Conservation Day ) 28 जुलाई को मनाया जाता है। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाना पृथ्वी के प्राकृतिक वातावरण से विलुप्त होते हुए जीव – जन्तुओं तथा पेड़ – पौधों का संरक्षण करना है। आज प्रकृति को संरक्षण करना बहुत आवयश्यक हैं | बढ़ते प्रदूषण का कारण प्रकृति असंतुलन हैं | प्रदुषण को कम करना बहुत आवयश्यक हैं | आज मानव अपने विकास के कारण प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं जिसका नतीजा प्रदूषण हैं अनियमित बरसात, बढ़ते तापमान और अन्य तरह के दुष्परिणाम देखने को मिल रहा हैं |

प्राकृतिक असंतुलन के कारण आज के समय में हम ढेरों समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उनमें ग्लोबल वॉर्मिंग, विभिन्न बीमारी, प्राकृतिक आपदा, बढ़ा हुआ तापमान आदि है। अगर प्रकृति की सुरक्षा नहीं की गई तो धरती को तबाह होने से कोई बचा नहीं सकता है। अभी ही इसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। देश और दुनिया में सूखा परना ये सब प्राकृतिक असंतुलन के कारण हो रहा है। प्राकृतिक असंतुलन के कारन लोगो को बहुत तरह की समस्याओ का सामना करना पर रहा हैं | अतः हमे प्रकृति के घटको का उपयोग बहुत अच्छे से और अपने आवयश्यकता के अनुसार करना चाहिए | प्राकृतिक असंतुलन के कारण हमारे जीवन पर बहुत बड़ा असर पर रहा हैं |

मनुष्य जन्म से ही प्रकृति के सम्पर्क में आ जाता है। पृथ्वी की प्रकृति की सुरक्षा में संसाधनों के संरक्षण की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रकृति के विभिन्न घटकों — जल, वायु, मिट्टी, ऊर्जा, वनस्पति, खनिज, जीव – जन्तुओं आदि के संरक्षण से पृथ्वी के प्राकृतिक सौन्दर्य में सन्तुलन स्थापित किया जा सकता है। प्रकृति को संतुलित बनाना हम मानव का सबसे बड़ा कर्तव्य हैं | हमे ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाना चाहिए | हमे प्रकृति से मिलने वाले सभी चीजों को उपयोग सावधानी से करनी चाहिए | प्रकृति से बहुत से चीजे सिमित मात्रा में हैं उसका उपयोग हमे सावधानी से करनी चाहिए |

जब तक प्रकृति बचेगी, तभी धरती पर जीवन बचेगा। इसी के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर साल 28 जुलाई को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस मनाया जाता है। 

पर्यावरण संरक्षण के लिए निम्नलिखित उपाय किये जा सकते हैं :-

१. जंगलों को न काटे।
२. जमीन में उपलब्ध पानी का उपयोग तब ही करें जब आपको जरूरत हो।
३. कार्बन गैसों का उत्पादन बंद करना आवयश्यक हैं।
४. उपयोग किए गए पानी का चक्रीकरण करें।
५. ज़मीन के पानी को फिर से स्तर पर लाने के लिए वर्षा के पानी को सहेजने की व्यवस्था करें।
६. ध्वनि प्रदूषण को सीमित करें।
७. प्लास्टिक के लिफाफे छोड़ें और रद्दी काग़ज़ के लिफाफे या कपड़े के थैले इस्तेमाल करें।
८. पानी को फ़ालतू ना बहने दें।
९. जलवायु को बेहतर बनाने की तकनीकों को बढ़ावा दें।
१०. पहाड़ो को खत्म होने से बचाये।

निष्कर्ष :-
प्रकृति से जो हमे प्राप्त जीव – जन्तुओं तथा पेड़ – पौधों का संरक्षण करना आवयश्यक है। हमे प्रकृति को संतुलित करने के लिए प्रकृति को संरक्षण करना हमारा कर्तव्य हैं | हमे पृथ्वी पर जीवन जीने के लिए प्रकृति को संरक्षित करना आवयश्यक हैं |

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